“मेरे घर की बगिया”
आँगन में है छोटी बगिया, फूल लगे है सुन्दर सुन्दर, महके जब खुसबू इनकी, मुग्ध हुआ ये सारा घर, रंग बिरंगे पुष्प खिले है, कुछ कुशुम मुस्काती, तितली का बाजार लगे, जब फूलो पर मडराती l मोगरा केवड़ा चम्पा चमेली, गुलाब फुले है हँसती लिली, मेरी आहाट से दूब हँसें, तो झुइमुई है सरमाती लता…
