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गाँव की सादगी एवं सुखद जीवन की एक पुरानी झलक

Article, 19 Aug 2025 – गाँव का जीवन जहाँ सादगी की झलक हैं, अपनापन के रंग हैं और रिश्तों की मिठास की अनमोल चमक है। जब हम अपने बचपन की स्मृतियों में झांकते हैं तो सबसे पहले आँखों के सामने वही कच्चे घर उभर आते हैं, जिसमे मिट्टी की दीवारें, खपरैल की छत, आँगन में…

नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, बच्चों के जीवन में नई उमंग

विचार- अप्रैल की शुरुआत और स्कूल का नया सत्र प्रारम्भ होते ही बच्चों में एक नया उत्साह दिखाई देता है। पिछली कक्षा की परीक्षा के बाद कुछ अंतराल में स्कूल फिर से खुलते हैं और बच्चे नई उम्मीदों और उमंग के साथ स्कूल पहुँचना शुरू करते हैं। हर तरफ एक नई रौनक होती है –…

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समान शिक्षा बने देश का मुद्दा

देश में एक देश-एक विधान-एक संविधान लागू हो रहा है। लेकिन, क्या इस मुद्दे में शिक्षा शामिल नहीं हो सकती? “अपने देश में भिन्न-भिन्न प्रकार के शिक्षण-संस्थानों में भिन्न-भिन्न प्रकार की शिक्षा दी जा रही है। सबके पाठ्यक्रम से लेकर प्रबंधन तक अलग-अलग हैं। जिनका सरकारीकरण से लेकर व्यापारीकरण तक हो चुका है और पढ़ने…

लेख- “शिक्षक के लिए सच्ची श्रद्धा”

शिक्षक से मिलता है ज्ञान,शिक्षा से मिलता सम्मान, शिक्षक विद्या की है खान,शिक्षक बनाते हमें महान l शिक्षक…. दिवस आते ही लोगों के मन में शिक्षक के प्रति श्रद्धा उमड़ पड़ती है, आखिर हो भी क्यों न शिक्षक का हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान होता है । आखिर हमारे पास जो ज्ञान, समझ, बुद्धि है वह सब हमारे शिक्षक की…

ऑनलाइन शिक्षा का बढ़ता चलन भविष्य में बन सकता है शिक्षा का मजबूत विकल्प!

लेख- कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान एक लम्बे समय तक स्कूल कालेज सभी बंद रहे है। बच्चों को शिक्षण कार्य से जोड़े रखने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई थी। कोरोना काल में प्रयोग के तौर पर शुरू हुई ऑनलाइन शिक्षा का चलन बढ़ा है। जो शिक्षा के क्षेत्र में काफी…

“भुजलिया उत्सव” आपसी भाईचारा एवं खुशहाली के रूप में मनाया जाना “संस्कृतिक गौरव का प्रतीक”

लेख- “बुंदेलखंड के महोबा में आल्हा-उदल-मलखान की वीरता के किस्से आज भी सुनाए जाते हैं। बुंदेलखंड की धरती पर आज भी इनकी गाथाएं लोगों को मुंह जुबानी याद है।“ रक्षाबंधन के दूसरे दिन मनाया जाने वाला भुजरिया पर्व का मालवा, बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में एक विशेष महत्व के साथ मनाया जाता है। इसके लिए घरों…

मैदानी खेलों से उदासीनता बन सकती है बच्चों के शारीरिक विकास में रूकावट

विचार- हम सभी को भलीभांति पता है कि बच्चों को जितना पौष्टिक भोजन जरुरी है उतना ही उनको खेलना भी जरुरी है । वैसे भी बच्चों के लिए सबसे मनपसंद काम खेलना ही होता है । अधिकतर बच्चे अपने खाली समय को खेलने में ही बिताते है । खेलना किसे पसंद नहीं है बच्चों से…

सफलता का मूलमंत्र – “समय प्रबंधन”

विचार – हम सबने लोगो से यह कहते अक्सर सुना होगा कि आज के परिवेश में जीवन इतना व्यस्त हो गया है कि उन्हें अपने लिए समय नहीं मिल रहा है। अपने जीवन में जिम्मेदारी, कर्तव्यबोध एवं अपने परिवार के लिए समर्पित होने से अपने लिए समय निकलना एक चुनौती बनी हुई है l इस…

भारतीय भाषा पर अंग्रेजी के वर्चस्व से कमजोर होती भारतीय भाषाएँ

विचार- भारत एक बहुभाषी देश है जिसकी लगभग अट्ठारह भाषाओं के पास अपनी लिपि है और विश्व की सोलह बड़ी भाषाओं में पाँच बड़ी भाषाएँ भारत के पास हैं जिनके बोलने, पढ़ने-लिखने वालों की संख्या पाँच करोड़ से अधिक है, इसलिए अंग्रेजी के बढ़ते वर्चस्व की स्वाभाविक चिन्ता भारत को सर्वाधिक है और यह इसलिए नहीं कि…

स्कूल प्रारंभ की तैयारी, उचित प्रबंधन के साथ हो पढ़ाई की शुरुआत

भोपाल – सम्पूर्ण देश में लॉकडाउन के करीब 16 महीने से अधिक का समय गुजर गया है l इस समय आर्थिक मंदी के साथ-साथ बहुत ऐसे आयामों में मंदी आई है जिसे पूरा करने में काफी समय लगेगा l बात करें शिक्षा की तो, शिक्षा जगत इस मंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है l शिक्षा…