MP (यक्ष-प्रश्न) 7 जुलाई 2025- उच्च न्यायालय जबलपुर में मा. मुख्य न्यायधीश विनय सर्राफ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में पदोन्नति नियम 2025 के विरुद्ध दिनाँक 7 जुलाई 2025 को सुनवाई की गई। प्राथमिक रूप से खंडपीठ याचिकाकर्ता के तर्कों से सहमत दिखी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मा. न्यायालय ने सरकार को कहा कि 2002 और 2025 के नियमों में क्या फर्क है यह स्पष्ट करें और यह भी कहा गया कि नए नियम लागू करने के पहले सरकार ने उच्चतम न्यायालय से अपनी अपील वापिस क्यों नहीं ली।
बेंच ने प्रकरण अगले मंगलवार यानी 15 जुलाई 2025 को सुनवाई के लिए लगाया है साथ ही निर्देशित किया कि तब तक नए नियमों के अंतर्गत पदोन्नत संबंधी किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पदोन्नति नियम 2002 को आर बी राय विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन के प्रकरण में 2016 में ही माननीय हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा निरस्त कर दिया गया था और इस तरह से पदोन्नत हुए कर्मचारियों को पदावनत करने का निर्देश भी दिया है। फैसले के विरुद्ध तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में चली गई जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम निर्णय आने तक SC /ST वर्ग के पदानवत पर यथास्थिति का आदेश दिया था, तब से लेकर अब तक मामला माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन कहकर शासन ने सभी वर्गों के प्रमोशन पर रोक लगा दिया, जबकि उच्च न्यायालयों द्वारा कई प्रकरणों में स्पष्ट किया गया की सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के प्रमोशन में कोई रोक सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लगाई है, केवल आरक्षित वर्ग पर यथास्थिति का आदेश है l
2016 से अभी तक लाखों कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत हो गए। वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों को पदोन्नति करने के लिए नया नियम जरूर बनाया किंतु 2002 के पुराने नियमों को ही आधार बनाकर नया नियम तैयार किया और 2002 के नियमो से अवैधानिक प्रमोशन पाए लोगों को ही वरिष्ठ मानकर पुनः प्रमोशन का प्रयास कर रहीं है,जिससे व्यथित होकर सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों का संगठन स्पीक (पूर्व नाम सपाक्स)ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। प्रकरण की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा आज उक्त निर्देश दिए गए।
स्पीक पूर्व नाम सपाक्स संस्था के जिला अध्यक्ष एवं जिला नोडल अधिकारी प्रद्युम्न चतुर्वेदी ने इसे अपनी तात्कालिक बड़ी जीत और संगठन द्वारा नए प्रमोशन नियम 2025 के विरुद्ध कहीं गयी बातो की न्यायालय ने एक तरह से पुष्टि की है l
Connect Us- Yaksh Prashn
अपनी मौलिक रचना, लेख, विज्ञप्ति अथवा विज्ञापन प्रकाशित करने के लिये हमें मेल करें – yakshprashn1@gmail.com





