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कविता – “तरुवर”

“ऊंचे ऊंचे पेड़ देखो गगन को झू रहे हरि-हरि पत्तियों में मंद मुस्कान है सीना ताने एक एकजुट होकर ये तरु लक्ष्य के भेदन को देखे आसमान है।। इत तित देखन में मनोहर लगत है झुमें ये कलाओं से लगे कलाबाज है सावन की रिमझिम बूंद पड़ी तन में भीगते नहाए हुए लगे चमकदार है।।…

“शुरू हुई फिर से पढ़ाई”

पिछली पंक्ति नन्हा चेहरा बैठा हुआ था मन उदास मन में उमड़ती आशाएं छोटी मगर बहुत ही खास। स्कूल गए बगैर पढ़ाई बाला सीधे दूसरी में आई पहली की छूटी पढ़ाई मुनिया इसे समझ ना पाई। घर में नहीं हुई पढ़ाई कुछ भी ये समझ न पाई अक्षर शब्द सब अनजाने अंक संख्या सब हुए…

कविता- “बात पते की”

जिन्दगी में कीमती चेन हो ना हो मगर जिन्दगीं में सुकून की चैन होना चाहिए, चमकता सोना अपने पास हो ना हो मगर, सोने पर शरीर को आराम होना चाहिए । आदमी के पास कार हो ना हो, लेकिन संस्कार होना चाहिए, गद्दे हो सकते है कीमती नरम, पर उस गद्दे पर नींद आनी चाहिए…

कविता- “कोयला बना कोहिनूर”

जान गया मैं मेरी कीमत, जो पड़ा था अंधकार कोने में काला-कुचला बदसूरत सा, था किसी अनजाने में नजर पड़ी जब जोहरी की, इस मिट्टी के टीले में हाथ आते ही चमक उठा, किस्मत अपनी सजाने में । अपने हाथो से तरासकर, कोयला को कोहिनूर कर दे कच्ची गीली मिटटी को थाप देकर, सही रूप…

समान शिक्षा बने देश का मुद्दा

देश में एक देश-एक विधान-एक संविधान लागू हो रहा है। लेकिन, क्या इस मुद्दे में शिक्षा शामिल नहीं हो सकती? “अपने देश में भिन्न-भिन्न प्रकार के शिक्षण-संस्थानों में भिन्न-भिन्न प्रकार की शिक्षा दी जा रही है। सबके पाठ्यक्रम से लेकर प्रबंधन तक अलग-अलग हैं। जिनका सरकारीकरण से लेकर व्यापारीकरण तक हो चुका है और पढ़ने…

लेख- “शिक्षक के लिए सच्ची श्रद्धा”

शिक्षक से मिलता है ज्ञान,शिक्षा से मिलता सम्मान, शिक्षक विद्या की है खान,शिक्षक बनाते हमें महान l शिक्षक…. दिवस आते ही लोगों के मन में शिक्षक के प्रति श्रद्धा उमड़ पड़ती है, आखिर हो भी क्यों न शिक्षक का हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान होता है । आखिर हमारे पास जो ज्ञान, समझ, बुद्धि है वह सब हमारे शिक्षक की…

ऑनलाइन शिक्षा का बढ़ता चलन भविष्य में बन सकता है शिक्षा का मजबूत विकल्प!

लेख- कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान एक लम्बे समय तक स्कूल कालेज सभी बंद रहे है। बच्चों को शिक्षण कार्य से जोड़े रखने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई थी। कोरोना काल में प्रयोग के तौर पर शुरू हुई ऑनलाइन शिक्षा का चलन बढ़ा है। जो शिक्षा के क्षेत्र में काफी…

“भुजलिया उत्सव” आपसी भाईचारा एवं खुशहाली के रूप में मनाया जाना “संस्कृतिक गौरव का प्रतीक”

लेख- “बुंदेलखंड के महोबा में आल्हा-उदल-मलखान की वीरता के किस्से आज भी सुनाए जाते हैं। बुंदेलखंड की धरती पर आज भी इनकी गाथाएं लोगों को मुंह जुबानी याद है।“ रक्षाबंधन के दूसरे दिन मनाया जाने वाला भुजरिया पर्व का मालवा, बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में एक विशेष महत्व के साथ मनाया जाता है। इसके लिए घरों…

मैदानी खेलों से उदासीनता बन सकती है बच्चों के शारीरिक विकास में रूकावट

विचार- हम सभी को भलीभांति पता है कि बच्चों को जितना पौष्टिक भोजन जरुरी है उतना ही उनको खेलना भी जरुरी है । वैसे भी बच्चों के लिए सबसे मनपसंद काम खेलना ही होता है । अधिकतर बच्चे अपने खाली समय को खेलने में ही बिताते है । खेलना किसे पसंद नहीं है बच्चों से…

सफलता का मूलमंत्र – “समय प्रबंधन”

विचार – हम सबने लोगो से यह कहते अक्सर सुना होगा कि आज के परिवेश में जीवन इतना व्यस्त हो गया है कि उन्हें अपने लिए समय नहीं मिल रहा है। अपने जीवन में जिम्मेदारी, कर्तव्यबोध एवं अपने परिवार के लिए समर्पित होने से अपने लिए समय निकलना एक चुनौती बनी हुई है l इस…