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गोंडवाना के महान शासक राजा बख्त बुलंद शाह उइका ने बसाया था नागपुर शहर

संकलन- गोंडवाना इतिहास में नागपुर शहर की स्थापना गोंडवाना के महान शासक राजा बख्त बुलंद शाह उइका का जन्मदिन 30 जुलाई को मनाया गया l गोंड साम्राज्य की महान एवं पुरानी संस्कृति के संरक्षक और प्रगति के लिए गोंड शासको की एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है गोंडवाना की स्थापना में इनका योगदान एवं संघर्ष भुलाया…

भारतीय भाषा पर अंग्रेजी के वर्चस्व से कमजोर होती भारतीय भाषाएँ

विचार- भारत एक बहुभाषी देश है जिसकी लगभग अट्ठारह भाषाओं के पास अपनी लिपि है और विश्व की सोलह बड़ी भाषाओं में पाँच बड़ी भाषाएँ भारत के पास हैं जिनके बोलने, पढ़ने-लिखने वालों की संख्या पाँच करोड़ से अधिक है, इसलिए अंग्रेजी के बढ़ते वर्चस्व की स्वाभाविक चिन्ता भारत को सर्वाधिक है और यह इसलिए नहीं कि…

स्कूल प्रारंभ की तैयारी, उचित प्रबंधन के साथ हो पढ़ाई की शुरुआत

भोपाल – सम्पूर्ण देश में लॉकडाउन के करीब 16 महीने से अधिक का समय गुजर गया है l इस समय आर्थिक मंदी के साथ-साथ बहुत ऐसे आयामों में मंदी आई है जिसे पूरा करने में काफी समय लगेगा l बात करें शिक्षा की तो, शिक्षा जगत इस मंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है l शिक्षा…

बढ़ती बेरोजगारी की समस्या से जूझता शिक्षित युवा वर्ग

काम से पहचान है, काम से सम्मान युवा मन क्या करे, बेरोजगार पड़ा है नाम रोजगार की आस में, फिरे दफ्तर रोज डिग्री लेकर दौड़ रहा, पूरी कब होगी खोज !  कहते है आज का युवा देश का भविष्य है और ये भविष्य हमारे देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे । देश में…

“महिलाओं के कुशल प्रबंधन से सशक्त होता समाज”

कहते है कि… किसी भी कार्य में कुशल प्रबंधन होना बड़ा ही अहम होता है । बचपन से ही माँ, दादी एवं घर की महिलाये को अपने कार्य में कुशल पूर्वक कार्य करते देख सभी महिलाये अपने गृह प्रबंधन के कार्य में दक्षता प्राप्त कर लेती है । घर हो या दफ्तर अपने कार्य प्रबंधन…

महंगाई की मार, बस करो सरकार

अब मत सरकाओ सरकार, आफत बनी है महगाई, पहले भी तो आग लगाईं, अब फिर से ले रही अंगडाई, नून तेल सब महगे हो गए, महंगी हुई साग की कढ़ाई, अब तो रहम करो सरकार, चुभन लगी फटी चटाई l बच्चों का स्कूल है छूटा, झोपडी का छप्पर भी टूटा, अन्दर पड़ी हुई है खाट,…

“मेरी चाह”

आज कक्षा में बच्चो को हिन्दी विषय बच्चों को पढ़ा रहा था l बच्चों को बहुत पसंदीदा विषय था हिन्दी; आखिर रहे भी क्यों न ! उनके सर यानि मैं; बच्चों को पढ़ाने में अपना सम्पूर्ण दिलोदिमाग लगा देते है, हर एक गतिविधि को पूरे हावभाव से करते थे, कविता को लय के साथ, कहानी…