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बढ़ती बेरोजगारी की समस्या से जूझता शिक्षित युवा वर्ग

काम से पहचान है, काम से सम्मान युवा मन क्या करे, बेरोजगार पड़ा है नाम रोजगार की आस में, फिरे दफ्तर रोज डिग्री लेकर दौड़ रहा, पूरी कब होगी खोज !  कहते है आज का युवा देश का भविष्य है और ये भविष्य हमारे देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे । देश में…

“महिलाओं के कुशल प्रबंधन से सशक्त होता समाज”

कहते है कि… किसी भी कार्य में कुशल प्रबंधन होना बड़ा ही अहम होता है । बचपन से ही माँ, दादी एवं घर की महिलाये को अपने कार्य में कुशल पूर्वक कार्य करते देख सभी महिलाये अपने गृह प्रबंधन के कार्य में दक्षता प्राप्त कर लेती है । घर हो या दफ्तर अपने कार्य प्रबंधन…

“मेरे घर की बगिया”

आँगन में है छोटी बगिया, फूल लगे है सुन्दर सुन्दर, महके जब खुसबू इनकी, मुग्ध हुआ ये सारा घर, रंग बिरंगे पुष्प खिले है, कुछ कुशुम मुस्काती, तितली का बाजार लगे, जब फूलो पर मडराती l मोगरा केवड़ा चम्पा चमेली, गुलाब फुले है हँसती लिली, मेरी आहाट से दूब हँसें, तो झुइमुई है सरमाती लता…

महंगाई की मार, बस करो सरकार

अब मत सरकाओ सरकार, आफत बनी है महगाई, पहले भी तो आग लगाईं, अब फिर से ले रही अंगडाई, नून तेल सब महगे हो गए, महंगी हुई साग की कढ़ाई, अब तो रहम करो सरकार, चुभन लगी फटी चटाई l बच्चों का स्कूल है छूटा, झोपडी का छप्पर भी टूटा, अन्दर पड़ी हुई है खाट,…

“मेरी चाह”

आज कक्षा में बच्चो को हिन्दी विषय बच्चों को पढ़ा रहा था l बच्चों को बहुत पसंदीदा विषय था हिन्दी; आखिर रहे भी क्यों न ! उनके सर यानि मैं; बच्चों को पढ़ाने में अपना सम्पूर्ण दिलोदिमाग लगा देते है, हर एक गतिविधि को पूरे हावभाव से करते थे, कविता को लय के साथ, कहानी…